गाजीपुर हिंसा को लेकर गरमायी सियासत, पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे अखिलेश यादव

लखनऊ/ गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में गाजीपुर के करंडा थाने के अंतर्गत कटरिया गांव में हुई हिंसा अब राजनीतिक रंग लेती जा रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा समाजवादी पार्टी के दो विधायकों समेत 46 लोगों को नामज़द किए जाने के बाद अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के दौरे को लेकर राजनीति गरमा गई है। अखिलेश यादव 29 अप्रैल को गाजीपुर जा रहे हैं। इस बीच मृतका के पिता ने प्रशासन की कार्यवाही से संतुष्टि जताते हुए इस मामले में राजनीति न करने की अपील की है।

समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 29 अप्रैल 2026 (बुधवार) को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के दौरे पर जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत वह दोपहर करीब 1 बजे ग्राम करंडा (थाना करंडा) पहुंचेंगे और वहां पीड़ित श्री सियाराम विश्वकर्मा के परिवार से मुलाकात करेंगे। पत्र में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस दौरे की सूचना देते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

इस बीच सियाराम शर्मा ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान पुलिस की कार्यवाही से संतुष्टि जाहिर की है । उन्होंने कहा है कि हमने पुलिस को जो तहरीर दी थी उसी के अनुसार कार्रवाई हुई है और आरोपी इस समय जेल में बंद है। उन्होंने कहा कि ज़िलाधियाकारी और कप्तान साहब की ओर से आश्वासन मिला है कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की तरफ़ से मदद का भी आश्वासन मिला है।

अखिलेश यादव के ग़ाज़ीपुर दौरे को लेकर भाजपा ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हीरो वाजपेयी ने कहा कि अखिलेश यादव के साथ दिक्कत यही है कि वो हमेशा दंगाइयों और बलवाइयों के साथ ही खड़े दिखते हैं।
श्री वाजपेयी ने कहा कि गाजीपुर में जो भी घटना हुई उसमे पुलिस अपना काम कर रही है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित परिवार प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट है फिर वहाँ जाकर सियासत करने की उनकी क्या मजबूरी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में बुधवार को हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने समाजवादी पार्टी के दो विधायकों समेत 46 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर बलवा, अवैध जमावड़ा, आपराधिक धमकी और लोकसेवक पर हमला करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, जिन प्रमुख लोगों को नामजद किया गया है उनमें जयकिशन साहू जैकी, वीरेंद्र यादव, सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, सुनील यादव, मनीष यादव, अनिल यादव, पंचू यादव और सत्य यादव शामिल हैं। 15 अप्रैल को जमानियां-धरममरपुर गंगा पुल के पास निशा शर्मा का शव मिलने के बाद यह घटना हुई थी । मृतका के पिता सियाराम शर्मा (निवासी कटारिया) ने हरिओम पांडेय और अभिषेक पांडेय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने उसी दिन हरिओम पांडेय को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने 22 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा की थी। इससे पहले 21 अप्रैल को सियाराम शर्मा ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 20 अप्रैल को जारी सपा के एक पत्र में उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव गंगा में फेंकने का दावा किया गया, जो गलत है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे उनकी दिवंगत बेटी की गरिमा और परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं, जिससे गांव में आक्रोश फैल गया। स्थिति बिगड़ने पर नंदगंज, रामपुर मांझा, सुहवल और कोतवाली थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई। साथ ही गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक इराज राजा, एएसपी (सिटी) राकेश मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया।

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