भीषण गर्मी से भदोही का कालीन उद्योग भी प्रभावित

भदोही, उत्तर प्रदेश के भदोही सहित पूर्वांचल के कई जिलों में अप्रैल माह में ही भीषण गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ कालीन उद्योग पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार जलवायु परिवर्तन और अन्य मौसमी कारकों के चलते इस वर्ष गर्मी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। रविवार दोपहर भदोही में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल माह के औसत तापमान से काफी अधिक है। पूर्वांचल के अधिकांश जिलों के लिए हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री अधिक रहने तथा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उच्च दबाव प्रणाली तथा प्री-मानसून वर्षा की कमी के कारण उत्तर भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को सुबह 10 बजे से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस किया गया।

गर्मी का असर भदोही के प्रमुख कालीन उद्योग पर भी पड़ा है। कालीन बुनाई और फिनिशिंग का अधिकांश कार्य टीन शेड वाले कारखानों में होता है, जहां दोपहर के समय तापमान अत्यधिक बढ़ जाने से काम करना कठिन हो जाता है। इसके चलते मजदूरों की उपस्थिति घट रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखा जा रहा है। छुट्टी के बाद चिलचिलाती धूप में घर लौटते समय बच्चे अत्यधिक गर्मी से परेशान हो रहे हैं। लू के कारण बच्चों के चेहरे झुलसने जैसी स्थिति भी सामने आ रही है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. रामजीत भारती ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक धूप में निकलने से बचें। बाहर जाते समय सिर ढकें, पर्याप्त पानी पिएं तथा आवश्यकता होने पर ग्लूकोज और नींबू पानी का सेवन करें। हीटवेव के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

Related Articles

Back to top button