पहलगाम हमले में शहीद शुभम की पत्नी का छलका दर्द, वृंदावन में भरी हुंकार

मथुरा, कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने वृंदावन के एक कार्यक्रम में अपनी पीड़ा साझा की। भावुक ऐशान्या ने मंच से न केवल अपने संघर्ष को बयां किया, बल्कि ‘सनातन’ और ‘हिंदुत्व’ के मुद्दे पर कड़ा संदेश भी दिया।
सफेद लिबास में मंच पर पहुंचीं ऐशान्या ने भरे गले से कहा, “आज मैं यहाँ खड़ी हूँ, तो यह ताकत मुझे सिर्फ मेरे धर्म से मिली है। मेरा धर्म मुझे सिखाता है कि जिस तरह मेरी मांग सूनी हुई, वैसी त्रासदी किसी और बेटी या बहू के साथ न हो।” उन्होंने अप्रैल 2025 की उस घटना को ‘हिंदू नरसंहार’ बताते हुए उन लोगों का आभार जताया जिन्होंने इस दुखद दिन को याद रखा।
ऐशान्या ने कश्मीर की स्थिति पर बेबाकी से अपनी राय रखते हुए कहा, “अगर कश्मीर में हिंदू बहुमत में होते, तो उन 26 लोगों को नहीं मारा जाता। मेरे पति ने गोली नहीं खाई होती।” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर समय रहते एकजुटता नहीं दिखाई गई, तो देश की स्थिति खराब होने में वक्त नहीं लगेगा।
शहीद की पत्नी ने महाभारत का उदाहरण देते हुए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा “कृष्ण भगवान सारथी बने थे, लेकिन युद्ध अर्जुन ने ही लड़ा था। अब समय आ गया है कि सभी सनातनी एक आवाज बनकर दहाड़ें और कहें कि यह हिंदुस्तान हिंदुओं का स्थान है, था और हमेशा रहेगा।”
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने एक कायराना हमला किया था। इस हमले में कानपुर के रहने वाले शुभम द्विवेदी सहित कई लोगों की मौत हो गई थी। तब से ऐशान्या लगातार आतंकी घटनाओं के खिलाफ और पीड़ित परिवारों के हक में आवाज उठाती रही हैं।





