लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी मानहानि मामले का फैसला 2 मई को

सुलतानपुर, लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता एवं रायबरेली सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि के मामले में सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए की अदालत ने बुधवार को उभय पक्षों के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद 2 मई को फैसला सुनायेगी।
राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने आज यहां बताया कि अदालत में धारा 311 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत जो एक प्रार्थना पत्र वादी के अधिवक्ता द्वारा दी गई थी उस पर आज बहस हुई। कोर्ट ने अपने आदेश का निर्णय सुनाने के लिए 2 मई की तिथि नियत की है। पिछली सुनवाई 17 अप्रैल को हुई थी।
इससे पहले, 28 मार्च को हुई सुनवाई में वादी के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने राहुल गांधी की आवाज के नमूने की जांच की मांग की थी। उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 311 सहपठित धारा 91 के तहत एक आवेदन दिया था। इस आवेदन में राहुल गांधी की आवाज का सैंपल लेकर उसे पहले से दाखिल की गई सीडी के साथ विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) में मिलान कराने का अनुरोध किया गया था। राहुल गांधी के वकीलों ने इस मांग पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
यह मानहानि का मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में दर्ज कराया था। इस मामले में राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे।
इससे पहले 20 फरवरी को भी राहुल गांधी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने उन्हें अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा था। हालांकि, राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कोर्ट में कोई सफाई या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।





