यूपी का IPS अफसर, बुरा फंसा बंगाल में वीडियो हो रहे वायरल ?

बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार खत्म हो चुका है। टीएमसी और बीजेपी के दिग्गजों ने पूरी ताकत से प्रचार किया। 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग है और 4 मई को नतीजे आएंगे। लेकिन इसी दौरान, “यूपी का वो अफसर, जिसका नाम सुनते ही अपराधियों के पैर कांपते थे। जिन्हें ‘सिंघम’ और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ कहा गया। लेकिन आज वही आईपीएस अजय पाल शर्मा पश्चिम बंगाल की तपती राजनीतिक जमीन पर खुद एक बड़े विवाद की आग में झुलस रहे हैं।”
“चुनाव ड्यूटी पर बंगाल पहुंचे इस रसूखदार अफसर के कुछ वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अफसर अजयपाल शर्मा वायरल वीडियो के कारण एक बड़े राजनीतिक विवाद में घिर गए हैं।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान आदि ने अजयपाल शर्मा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें घेरा है और कार्रवाई की मांग की है।
क्या ये किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है या फिर खाकी का रसूख अपनी मर्यादा भूल गया? आज की बड़ी पड़ताल- अजय पाल शर्मा: बंगाल में ‘खेला’ या फंसाया?”
“2011 बैच के आईपीएस अजय पाल शर्मा। यूपी पुलिस का वो चेहरा जो हमेशा चर्चा में रहा। नोएडा से लेकर रामपुर तक, उनके नाम से खौफ और तारीफ दोनों जुड़ी हैं। वो अफसर जिन्होंने कथित तौर पर 100 से ज्यादा एनकाउंटर्स को लीड या सुपरवाइज किया।
लेकिन विवादों से भी इनका पुराना नाता रहा है।”
“कभी अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में आए, तो कभी विजिलेंस की जांच के घेरे में। लेकिन हर बार वो ‘कमबैक’ करने में माहिर रहे। अब जब उन्हें पश्चिम बंगाल के संवेदनशील चुनाव में कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी मिली, तो वहां से आई खबरों ने सबको चौंका दिया।”
“चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को बंगाल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी। इस समय आईपीएस अजयपाल शर्मा, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर भेजे गयें हैं। दूसरे चरण के मतदान से पहले, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के घर दबिश देने के बाद से अजयपाल शर्मा के विवादित वीडियोज के कारण उन्हे आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। मतदाताओं को डराने-धमकाने और उनके पहचान पत्र छीनने के आरोपों के बीच, सोमवार सुबह करीब 10 बजे तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के घर पर पुलिस और केंद्रीय बलों ने छापा मारा।
केंद्रीय बलों के साथ आईपीएस अजयपाल शर्मा पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र पहुंचे। उम्मीदवार जहांगीर के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। घर के बाहर उनकी लाल रंग की लग्जरी कार खड़ी मिली, लेकिन परिवार की ओर से उनके ठिकाने को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। छापेमारी के दौरान जहांगीर खान घर पर मौजूद नहीं पाए गए। मौके पर अजयपाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके परिवार और समर्थकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि मतदाताओं को प्रभावित करने की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और बाद में कोई राहत नहीं मिलेगी। शर्मा ने जहांगीर खान के आवास पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती में अनियमितता पाई, जहाँ निर्धारित 10 के बजाय 14 पुलिसकर्मी तैनात थे, जिसके लिए उन्होंने स्थानीय पुलिस से स्पष्टीकरण माँगा है।
इसी कार्रवाई का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद से विवाद हो रहा है।
अजयपाल शर्मा की ‘चेतावनी’ का वीडियो सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि खेला तुमने शुरू किया है, लेकिन खत्म मैं करूंगा। पिक्चर अभी बाकी है। मैच शुरू हो गया है।
आपको लगता है कि आप कुछ सीआरपीएफ जवानों के साथ तमाशा कर रहे हैं। लेकिन अगर सारे लोग एकसाथ आ गए तो तुमलोग हवा में उड़ जाओगे।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट पर अजयपाल शर्मा के कुछ वीडियो पोस्ट किए हैं, जिनमें वो अभद्र कृत्यों में लिप्त नजर आ रहे हैं। हांलाकि NEWS85 इन वीडियोज की पुष्टि नही करता है। महुआ मोइत्रा ने अजयपाल शर्मा का धमकानेवाला वीडियो शेयर करते हुए लिखा मेरा फेयर एंड लवली बबुआ अजय पाल शर्मा आईपीएस, हम तो वो लोग हैं जो कैद से आपके छोटा फैंटा और बड़ा फैंटा का भी इलाज कर लेते हैं!! हीरोगिरी थोड़ा संभल के कीजिए।
इसके बाद उन्होंने दो और वीडियो शेयर किए। ये वीडियो एक कमरे के हैं। इस कमरे में अंधेरा और और रंग-बिरंगी लाइट्स के बीच डांसर डांस कर रही है। वीडियो में दिख रहा है कि कमरे में कुछ और लोग बैठे हैं। पार्टी का माहौल है। महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि वीडियो में डांसर के साथ नाच रहा शख्स अजय पाल शर्मा हैं।
टीएमसी सांसद ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है,
Fair & lovely Babua
@DripsAjaypal
– good to see you enjoying yourself FantaCop style. Stay Thanda Thanda Cool Cool. Bengal is always Trinamool.
जिसका अर्थ है कि Fair & lovely Babua (फेयर एंड लवली बबुआ) अजय पाल शर्मा आपको FantaCop स्टाइल में मजे करते देखकर अच्छा लगा। एकदम ‘ठंडा-ठंडा, कूल-कूल’ रहिए। बंगाल हमेशा तृणमूल का है।
इस वीडियो की प्रामाणिकता और इसके संदर्भ को लेकर पहले से ही कई सवाल उठने लगे हैं। हालांकि टीएमसी की तरफ से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। टीएमसी का कहना है कि ये सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है। चुनाव के बाद आपको कोई बचा नहीं पाएगा। आप कहीं के भी, कितने बड़े अधिकारी क्यों न हों, आपको कोर्ट में घसीटा जाएगा। तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि यह पूरा मामला जानबूझकर फैलाया जा रहा है और चुनाव से पहले भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
इधर, अखिलेश यादव ने कहा कि- बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्ज़र्वर बने, उप्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो अभद्र वीडियो सरेआम चल रहा है, उससे उत्तर प्रदेश सरकार के शासन-प्रशासन की छवि बेहद क्षतिग्रस्त हुई है साथ ही भाजपा सरकार के तथाकथित ‘महिला सम्मान’ व ‘नारी वंदन’ के दावों की पोल भी महिलाओं के सामने पूरी तरह खुल गई है। भाजपा शासन-प्रशासन में ऐसे व्यक्ति व अधिकारी अपवाद नहीं है। नारी को लगता है कि जिनके हाथ में महिला सुरक्षा की बागडोर है अगर वो ‘ऐसे’ हैं, तो हमारी सुरक्षा कैसे होगी। आज भाजपा से जुड़ी हर नारी शर्मिंदा है क्योंकि बहन-बेटियां तो उनके घरों में भी हैं। देखते हैं इनका निलंबन-बर्ख़ास्तगी कितनी जल्दी होती है। इसका सीधा संबंध मुख्यमंत्री जी की छवि से जुड़ा है। इस अधिकारी के ख़िलाफ़ जैसी कार्रवाई होगी वो तय करेगी कि मुख्यमंत्री जी का इस मामले में ख़ुद का रुख़ कैसा है। वैसे इतना सब कुछ उजागर होने के बाद तो मुख्यमंत्री जी भी मन मारकर ही सही, अनुशासनात्मक-दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जाएंगे और अपने इस ‘विशेष कृपा प्राप्त’ को बचाने के लिए ये नहीं कहेंगे कि ये वीडियो ‘एआई’ जेनरेटेड है। ज़ीरो टॉलरेंस सिर्फ़ अपराधियों के ख़िलाफ़ नहीं ऐसे अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी होना चाहिए।
अजय पाल शर्मा के चेतावनी वाले वायरल वीडियो पर भी अखिलेश ने तीखी टिप्पणी की । उन्होंने कहा कि –
प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी! सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जाँच होगी और बेहद सख़्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं। हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे। ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए क़ानूनी सज़ा भी पाएंगे। लोकतंत्र के अपराधी बख़्शे नहीं जाएंगे! #भाजपाई_एजेंडे_के_एजेंट
अजयपाल शर्मा एकबार फिर विवादों में हैं।
“सवाल ये है कि क्या चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक आईपीएस अधिकारी की तटस्थता (Neutrality) खतरे में है? बंगाल की राजनीति में ‘बाहरी’ बनाम ‘भीतरी’ की लड़ाई के बीच, यूपी के इस अफसर पर उंगली उठना कई बड़े सवाल खड़े करता है।”
ये पहली बार नहीं है जब अजय पाल शर्मा मुश्किल में हैं। इससे पहले उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें सस्पेंड भी होना पड़ा था। उन पर गोपनीय सूचनाएं लीक करने और जालसाजी के मुकदमे भी दर्ज हुए। लेकिन साल 2023-24 के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और वो फिर से मुख्यधारा की पुलिसिंग में लौटे।”
“बंगाल में उन पर जो हमला हो रहा है, उसके पीछे की क्रोनोलॉजी क्या है? क्या यूपी के इस कड़क अफसर को बंगाल की सत्ताधारी पार्टी एक खतरे के रूप में देख रही है, या वाकई वर्दी ने अनुशासन की लक्ष्मण रेखा लांघी है?”
“मामला अब चुनाव आयोग की चौखट पर है। विपक्ष इन वीडियो को मुद्दा बनाकर उनकी शिकायत कर रहा है। आईपीएस सर्विस रूल्स के तहत, अगर कोई अफसर चुनाव के दौरान किसी भी तरह के पक्षपात या अनैतिक गतिविधियों में पाया जाता है, तो उसे तुरंत चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है और विभागीय जांच (Departmental Inquiry) बैठाई जाती है।”
एक्सपर्ट ओपिनियन: “अजय पाल शर्मा के लिए ये साख की लड़ाई है। बंगाल की रिपोर्ट उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।”
“अजय पाल शर्मा के समर्थक इसे एक ‘प्रोपेगेंडा’ बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे खाकी का पतन। सच क्या है, ये तो जांच के बाद ही साफ होगा। लेकिन इतना जरूर है कि यूपी का ये ‘सिंघम’ इस वक्त बंगाल के सियासी चक्रव्यूह में बुरी तरह फंस गया है।”
“क्या वो इस चक्रव्यूह को तोड़कर बेदाग बाहर निकल पाएंगे? आपको क्या लगता है- क्या ये साजिश है या हकीकत? कमेंट में अपनी राय दें।





