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व्यापारी से रिश्वत मांगी, तीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

आगरा, उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में तैनात रहे खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के सहायक खाद्य आयुक्त अजय जायसवाल, अभिहीत अधिकारी श्वेता सैनी और उनके पति विशाल सैनी पर सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया है। इन अधिकारियों पर शहर के व्यापारी से साढ़े आठ लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप है।

विजिलेंस इंस्पेक्टर श्याम सिंह पीलवाल ने शनिवार को विजिलेंस थाने में तीनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा थाना छत्ता के अंतर्गत रावतपाड़ा-पीपल मंडी तिराहे के निकट स्थित मां भगवती एंटरप्राइजेज नामक फर्म चलाने वाले मलपुरा के धनाैली निवासी पप्पू कुशवाह की शिकायत पर जांच के बाद दर्ज हुआ है।

एफएसडीए की टीम ने 30 अक्टूबर, 2018 को व्यापारी पप्पू कुशवाह की फर्म पर छापा मार कर मिल्क पाउडर का नमूना भरा था। व्यापारी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल एवं जिला प्रशासन से अवैध वसूली की शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शासन ने जांच विजिलेंस को दी। पप्पू कुशवाह का आरोप था कि छापे के दौरान उसे जेल भेजने की धमकी दी गई। दुकान की संदूक में रखे करीब साढ़े चार लाख रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद पांच लाख रुपये और मांगे गए।

अभिहीत अधिकारी श्वेता सैनी के पति विशाल सैनी भी टीम के साथ आए थे और दूर खड़े हुए थे। विशाल सैनी ने मामला निपटाने को रकम मांगी। जिस पर अगले दिन वह श्वेता सैनी के घर गए, वहां पर अजय जायसवाल भी थे। उनसे रकम मांगी गई। धमकी दी गई कि जैसे पूर्व में सपा सरकार में जेल गए थे। उसे वैसे ही जेल भेज दिया जाएगा।

व्यापारी का कहना है कि डरकर उसने चार लाख रुपये और दे दिए। इसके बाद उनसे और रकम मांगी गई। चार नवंबर, 2018 को वह श्वेता सैनी के घर गए। पति-पत्नी दोनों के हाथ-पैर जोड़े। उनसे कहा कि वह और रकम नहीं दे सकते। व्यापारी ने पूरे मामले की शिकायत डीएम के यहां की थी। उस समय मामला काफी चर्चा में रहा था। मामले की जांच प्रशासन के अधिकारियों से कराई गई थी। जांच के बाद दोनों अधिकारियों का यहां से स्थानांतरण हो गया था।

एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने मुकदमे की पुष्टि करते हुए कहा कि तत्कालीन सहायक खाद्य आयुक्त अजय जायसवाल, अभिहीत अधिकारी श्वेता सैनी उनके पति विशाल सैनी के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब इसकी विवेचना होगी।
बता दें कि विजिलेंस जांच के दौरान एक ऑडियो भी दिया गया था। यह ऑडियो घटना के समय वायरल हुआ था। विजिलेंस ने अपनी जांच में क्या-क्या पाया। इसे गोपनीय रखा गया है।