हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों की तैनाती मामले की फाइनल सुनवाई शुरू

लखनऊ, इलाहाबाद उच्च न्यायालय और लखनऊ पीठ में सरकारी वकीलों की तैनाती प्रक्रिया को चुनौती मामले की लखनऊ पीठ में फाइनल सुनवाई शुरू हो गई है। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को मामले में दाखिल चार जनहित याचिकाओं पर फाइनल सुनवाई शुरू हो गई। मामले में हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों की तैनाती में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का आग्रह किया गया है।

मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में राज्य सरकार ने मांगा गया जवाबी हलफनामा पहले ही दाखिल कर दिया है। मामले में वर्ष 2017 में दाखिल महेंद्र सिंह पवार की जनहित याचिका समेत चार जनहित याचिकाएं सूचीबद्ध हैं। इनमें हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों की तैनाती प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में राज्य सरकार को अपना रुख साफ करना था।

पहले, मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या सुप्रीमकोर्ट द्वारा पंजाब राज्य व अन्य बनाम बृजेश सिंह चहल के मामले में सरकारी वकीलों की तैनाती को लेकर जारी दिशानिर्देशों को पूरी तरह से लागू किया गया या नहीं। राज्य सरकार को इन दिशानिर्देशों पर रुख साफ करते हुए जवाबी हलफनामा दाखिल करने का कोर्ट ने आदेश दिया था।

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