वाराणसी में मृतक कारोबारी के परिजनों से मिलने पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

वाराणसी,  उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत घमहापुर गांव में रविवार रात को कारोबारी मनीष सिंह की हत्या अब पूरी तरह राजनैतिक रंग लेने लगी है।

गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) का एक प्रतिनिधिमंडल मृतक के परिजनों से मिलने जा रहा था, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। इस पर पार्टी कार्यकर्ता और जिलाध्यक्ष सुजीत यादव मौके पर धरने पर बैठ गए। उन्होने कहा कि भाजपा के लोग परिजनों से मिल सकते हैं, तो अन्य पार्टियों के कार्यकर्ताओं को मिलने से पुलिस क्यों रोक रही है। हमारी मांग है कि मृतक मनीष सिंह के परिवार को दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

वहीं, बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह और सैयदराज विधायक सुशील सिंह घमहापुर गांव पहुंचे और मृतक की दादी को 10 लाख रुपये का चेक सौंपा। इसी दिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी मृतक मनीष सिंह के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ईंट-पत्थरों से कूच कर सरे-राह हत्याएं हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है। आरोपियों को संरक्षण देने वाले सफेदपोशों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि कारोबारी मनीष सिंह की रविवार को एक मामूली विवाद में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति एवं अभिषेक उर्फ बुद्धू को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि पांच अन्य की तलाश की जा रही है। फरार अभियुक्तों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। गांव में माहौल खराब न हो, इसको देखते हुए पर्याप्त फोर्स तैनात कर दी गई है।

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