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अयोध्या मे मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक, उठाया ये महत्वपूर्ण कदम

नई दिल्ली, अयोध्या मे मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार अचानक  सक्रिय हो गयी है। केंद्र सरकार ने इस दिशा मे अचानक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

अयोध्या विवाद पर केंद्र सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है इसमें कहा है कि रामजन्म भूमि की विवादित जमीन के अलावा उससे जुड़ी बाकी की जमीन का मालिकाना हक उनके मालिकों को सौंपा जाए। सरकार का  ये बड़ा फैसला है। 

केंद्र सरकार ने कहा है कि जमीन का विवाद केवल 2. 77 एकड़ का है। सरकार ने कहा कि अयोध्या में विवादित भूमि छोड़कर बाकी जमीन लौटाई जाए। केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि बाकी जमीन जो विवादित नहीं है उसको लौटाया जाए यथास्थिति बरकरार रखने की जरूरत नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, यह केंद्र सरकार का एक बड़ा कदम है। सरकार बाकी की जमीन पर मंदिर निर्माण का कार्य करा सकती है। जिस तरह साधु संतों और  हिंदू संगठनों का दबाव बन रहा था एसी स्थिति मे बहुत लंबे समय तक टालना संभव नही था।

इससे पूर्व, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि राम मंदिर के मुद्दे पर लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है। अगर सुप्रीम कोर्ट इसका हल नहीं निकाल पा रहा तो यह जिम्मेदारी हमें सौंप दे, हम 24 घंटे के अंदर इस विवाद का हल निकाल देंगे। एक समाचार चैनल से इंटरव्यू के दौरान योगी आदित्यनाथ ने ये बातें कहीं थी।

योगी आदित्यानाथ ने कहा था कि  30 सितंबर 2010 को आए इलाहाबाद हाईकोर्ट बैंच के फैसले में साफ कहा गया है कि बाबरी ढांचे को एक हिन्दू मंदिर या स्मारक को ध्वस्त करके बनाया गया था, वहीं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने भी हाईकोर्ट में दायर रिपोर्ट में माना कि मस्जिद का निर्माण हिन्दू मंदिर को तोड़कर किया गया था। इसमें बिना बात के विवाद जोड़ा जा रहा है। इससे अयोध्या मामला लंबा खिंच रहा है।